
पिछले हफ्ते शेयर बाजार ने निवेशकों को जोरदार मुनाफे का तोहफा दिया। सेंसेक्स में आई मजबूती के साथ देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 7 कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.23 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गया। इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जिसने एक बार फिर भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी के तौर पर अपनी बादशाहत कायम रखी।
बीते हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 720.56 अंक चढ़कर बंद हुआ। इस तेजी ने सीधे तौर पर दिग्गज कंपनियों के बाजार मूल्य को सहारा दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसी कंपनियों की वैल्यूएशन में जोरदार उछाल देखने को मिला।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप
रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप सबसे ज्यादा 45,266 करोड़ रुपये बढ़कर 21.55 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया। मजबूत फंडामेंटल्स, रिटेल और टेलीकॉम बिजनेस में ग्रोथ की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। वहीं SBI का मार्केट कैप 30,414 करोड़ रुपये बढ़कर 9.22 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो बैंकिंग सेक्टर में जारी मजबूती को दर्शाता है।
अन्य कंपनियों का हाल
इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज L&T के मार्केट कैप में 16,204 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर की वैल्यूएशन 14,626 करोड़ रुपये बढ़ी। HDFC बैंक का मार्केट कैप 13,538 करोड़ रुपये बढ़कर 15.40 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा ICICI बैंक और भारती एयरटेल ने भी सीमित लेकिन सकारात्मक बढ़त दर्ज की।
इन कंपनियों को हुआ घाटा
हालांकि, सभी दिग्गज कंपनियों के लिए यह हफ्ता फायदेमंद नहीं रहा। IT सेक्टर की प्रमुख कंपनियां TCS और इंफोसिस दबाव में रहीं। TCS का मार्केट कैप 10,745 करोड़ रुपये घट गया, जबकि इंफोसिस को 6,183 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बजाज फाइनेंस की वैल्यूएशन में भी 5,693 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। कमजोर ग्लोबल संकेतों और IT खर्च में सुस्ती की आशंका ने इन शेयरों पर असर डाला।


