भारतीय रसोई में आलू और शकरकंद दोनों को ही जरूरी माना जाता है. एक तरफ आलू है, जिसे सब्जियों का राजा कहा जाता है तो वहीं दूसरी तरफ शकरकंद अपने मीठे स्वाद और न्यूट्रिएंट्स की वजह से जाना जाता है. दोनों ही जमीन के नीचे उगने वाली सब्जियां है और अंग्रेजी में इनके नाम भी मिलते-जुलते हैं. लेकिन जब बात गट हेल्थ की आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि इनमें से कौन-सा ज्यादा फायदेमंद है. ऐसे में चलिए आज आपको बताते हैं कि शकरकंद या आलू गट हेल्थ के लिए बेस्ट ऑप्शन क्या है
आलू और गट हेल्थ का कनेक्शन
गट हेल्थ सिर्फ पाचन तक सीमित नहीं है. अच्छी आंतों की सेहत का सीधा कनेक्शन इम्यूनिटी, ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन और यहां तक कि मूड से भी जुड़ा होता है. ऐसे में आ डाइट में क्या खाते हैं यह बहुत जरूरी माना जाता है. आलू को सिर्फ कार्बोहाइड्रेट से भरपूर माना जाता है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे तत्व होते हैं जो आंतों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. दरअसल आलू में पाया जाने वाला रेसिस्टेंट स्टार्च छोटी आंत में पचता नहीं है, बल्कि सीधे बड़ी आंत तक पहुंचता है. यहां यह गुड बैक्टीरिया के लिए फूड की तरह काम करता है और गट माइक्रोबायोम को मजबूत करता है. इसके अलावा आलू में फाइबर, विटामिन C और B6 भी होता है, जो पाचन के प्रोसेस को सपोर्ट करता है. हालांकि अगर किसी को गैस, एसिडिटी या पेट फूलने की समस्या रहती है, तो ज्यादा मात्रा में आलू खतरनाक हो सकता है.
शकरकंद को माना जाता है गट फ्रेंडली
शकरकंद को गट हेल्थ के लिए आलू से ज्यादा बेहतर ऑप्शन माना जाता है और इसकी वजह इसमें मौजूद फाइबर और प्रीबायोटिक गुण है. शकरकंद के छिलके में भरपूर फाइबर होता है, जो आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. यही बैक्टीरिया पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं. इसके अलावा शकरकंद में भी रेसिस्टेंट स्टार्च पाया जाता है, जो ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है और पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद करता है.
किसका फाइबर ज्यादा असरदार?
शकरकंद में आलू की तुलना में लगभग दोगुना फाइबर पाया जाता है. यह फाइबर पाचन को दुरुस्त रखने, सूजन कम करने और आंतों की एक्टिविटी को नियमित बनाने में मदद करता है. वहीं आलू में फाइबर की मात्रा कम होती है, लेकिन उसका रेसिस्टेंट स्टार्च गट बैक्टीरिया के लिए फायदेमंद रहता है. आलू हो या शकरकंद दोनों को ही डीप फ्राई करने या ज्यादा नमक और मसालों के साथ खाने से इनके गुण कम हो जाते हैं. ऐसे में इन्हें उबालकर, भूनकर या सब्जी के रूप में खाना ही गट हेल्थ के लिए सही माना जाता है.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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