कई सालों से महंगाई की मार झेल रहा वेनेजुएला का संकट कैसे कम होगा, इसकी तो जानकारी नहीं है, लेकिन वहां की जनता रोजमर्रा की जरूरत को पूरी करने के लिए अच्छी खासी रकम चुका रही है. 3 जनवरी को अमेरिका की एयरस्ट्राइक ने वहां के राजनीतिक परिदृश्य को बदलकर रख दिया है.
वहां के लोग कड़े प्रतिबंधों, महंगाई के बीच क्रिप्टो आधारित बाजार की तरफ रुख कर रहे हैं. यहां पिछले 12 महीनों में अमेरिकी डॉलर में 480% की वृद्धि देखी गई है. बुधवार को वेनेजुएला की सेंट्रल बैंक ने आधिकारिक विनिमय दर 301.37 बोलिवर प्रति डॉलर तय की है. जबकि 2025 के शुरुआत में यह कीमत 52.02 दर्ज की गई थी. वहां की स्थानीय मुद्रा ने अपना मूल्य खो दिया है.
वेनेजुएला में संकट का आलम 2018 में ज्यादा भयावह रहा है. उस वक्त के हालात से आज का अंदाजा लगाया जा सकता है. यहां आई करेंसी की गिरावट की वजह से एक लीटर दूध 80 हजार से अधिक रुपए में बिक चुका है. ब्रेड की कीमतें यहां हजारों और तीन 3 लाख बोलिवर में एक किलो मीट मिल रहा था.
वहां की जनता पैरेलल मार्केट पर निर्भर रहने को मजबूर
यहां सरकारी दर पर डॉलर की खरीद सीमित बनी हुई है. इससे यहां के बिजनेस और समानांतर बाजार (Parallel Market) पर निर्भर रहने के अलावा कोई चारा नहीं है. यहां की खाद्य वस्तुओं की कीमत, किराया, परिवहन और इंपोर्ट वस्तुओं की कीमतें ब्लैक मार्केट की दर पर तय की जा रही हैं. इससे वास्तविक आय में कमी साफ देखी गई है. यहां आधी आबादी क्रिप्टो के मार्केट पर निर्भर है. यह अनौपचारिक बाजार के तौर पर उभरे हैं.
2025 में यहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने लगभग 9% आर्थिक विकास का दावा किया था, लेकिन निजी फर्मों ने महंगाई का अनुमान को 500% से ज्यादा होने का दावा किया था. वेनेजुएला में 2024 से महंगाई का आधिकारिक डाटा नहीं जारी किया गया है.
यहां ठोस मुद्रा यानी हार्ड करेंसी की कमी है. इसका मतलब फिजकिल करेंसी बिल और सिक्कों तक सीमित पहुंच है. इसकी वजह अमेरिका से वेनेजुएला का लगातार टकराव का होना है.
मक्का के आटे की कीमत 240 से 260 बोलिवर
CNN की नवंबर, 2025 में प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर काराकास के पूर्व पेटारे की झुग्गी बस्ती में रहने वाले 25 साल के ड्राइवर योन माइकल हर्नाडेट ने बताया था कि कीमतें हर दिन बढ़ रही हैं. मक्के का आटा 220 बोलिवर का है. ये 240 से 260 बोलिवर तक हो सकता है. कॉर्नफ्लोर का आटा उस समय 15 दिन पहले सिर्फ एक डॉलर का था, जो अब तीन डॉलर हो गया.
संयुक्त राष्ट्र की मानें तो वेनेजुएला ऐतिहासिक रूप से अपनी जरूरतों को पूरा नहीं करता है. वहां पर्याप्त खाद्य सामाग्री पैदा नहीं होती है. कई प्रोडक्ट्स विदेशों से आयात करने पड़ते हैं. उनके लिए विदेशी मुद्राओं में भुगतान करना पड़ता है. इसी वजह से वहां रोजमर्रा जैसे दूध, तेल, आटा समेत अन्य चीजों की कीमत में भारी उछाल है.
8-10 डॉलर में होता है ब्रेकफास्ट
काराकस में ही स्ट्रीट फूड बेचने वाली 40 साल की मार्जोरी यानेज ने CNN को बताया था कि आजकल ज्यादा लोग खरीदारी नहीं कर रहे. जो खरीद सकते हैं, वो भी कम खरीद रहे हैं. डॉलर हर दिन महंगा होता जा रहा है. रिटेलर्स के लिए बेहद ही बुरा है. हर दिन कीमतें बढ़ानी पड़ती है. यहां एक बेकरी में क्रोइसेन और कैफे कॉन लेचे के नॉर्मल नाश्ते की कीमत अब 8 से 10 डॉलर के बराबर हो सकती है. यहां की न्यूनतम की मजदूरी एक डॉलर से भी कम है. यहां पिछले कुछ सालों में 70 लाख से ज्यादा देश छोड़कर चले गए हैं.


