Thursday, January 29, 2026
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लुट गया इंडोनेशिया का ये अमीर शख्स, एक झटके में गंवाए 8,27,59,50,00,000 रुपये, जानें वजह


इंडोनेशिया के एक बड़े और अमीर कारोबारी को जोरदार झटका लगा है. दरअसल, वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई (MSCI) ने कुछ इंडोनेशियाई कंपनियों के वैल्यूएशन और शेयरधारक संरचना को लेकर चिंता जताई थी. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद इंडोनेशियाई शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. इसके चलते एक ही दिन में देश के अमीरों की संपत्तियों के वैल्यूएशन में करीब 22 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई.

हालांकि, सबसे ज्यादा नुकसान इंडोनेशिया के सबसे अमीर व्यक्ति प्रजोगो पंगेस्टु (Prajogo Pangestu) को उठाना पड़ा. ऊर्जा और खनन क्षेत्र में सक्रिय उनकी कंपनियों के शेयरों और कुल पूंजीकरण में करीब 9 बिलियन डॉलर, यानी लगभग 8.27 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई.

अमीर शख्स को बड़ा झटका

ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, प्रजोगो पंगेस्टु की कुल संपत्ति अब घटकर 31 बिलियन डॉलर रह गई है. सिर्फ इसी साल उनकी संपत्ति में करीब 15 बिलियन डॉलर की कमी आ चुकी है. प्रजोगो की एनर्जी कंपनी बैरिटो पैसिफिक (Barito Pacific) में 71 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि कोयला और सोने के कारोबार से जुड़ी कंपनी पेट्रिंडो जया क्रियासी (Petrindo Jaya Kreasi) में उनकी हिस्सेदारी 84 प्रतिशत है. एक ही दिन में इन दोनों कंपनियों के शेयरों में करीब 12 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.

इस अमीर कारोबारी के फैमिली ऑफिस ने बयान जारी कर कहा है कि वे एमएससीआई की रिपोर्ट और टिप्पणियों की समीक्षा कर रहे हैं और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार बातचीत बनाए रखेंगे.

क्यों हुई भारी बिकवाली

बाज़ार में यह तेज़ प्रतिक्रिया एमएससीआई की उस रिपोर्ट के बाद देखने को मिली, जिसमें इंडोनेशिया के शेयरधारक रिपोर्टिंग नियमों पर सवाल उठाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों का मानना है कि मौजूदा नियमों के कारण कंपनियों की स्वामित्व संरचना स्पष्ट नहीं रहती, जिससे अनुचित ट्रेडिंग का जोखिम बढ़ सकता है.

एमएससीआई ने उन कंपनियों को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं की ओर भी इशारा किया है, जहां शेयरों पर नियंत्रण कुछ गिने-चुने लोगों या किसी एक व्यक्ति के हाथ में होता है. इस तरह का अत्यधिक केंद्रीकृत स्वामित्व इंडोनेशिया और एशिया के अन्य हिस्सों में कुछ सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्तियों के निर्माण का आधार रहा है.

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प्रेस विज्ञप्ति दिल्ली से वृंदावन तक 135 किमी की प्रकृति जागरूकता रैली पर नेचर वेलफेयर काउंसिल का मंथन। वृंदावन | 28 जनवरी पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जाग्रत करने के उद्देश्य से नेचर वेलफेयर काउंसिल द्वारा दिल्ली से वृंदावन तक प्रस्तावित 135 किलोमीटर की “शून्य उत्सर्जन” (Zero Emission) प्रकृति जागरूकता साइकिल यात्रा की रूपरेखा को अंतिम रूप देने हेतु वृंदावन में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। यह दो दिवसीय यात्रा कुल 10 अवेयरनेस पॉइंट्स के माध्यम से जनजागरूकता फैलाएगी। इस अभियान में 500+ साइकिलिस्ट की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा 1000 से अधिक युवा शक्ति (विद्यार्थियों/छात्रों) को पर्यावरणीय संदेश से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह इंडक्शन मीटिंग वृंदावन स्थित रास VIP लाउंज में संपन्न हुई, जिसमें संगठन के नव नियुक्त स्टेट चेयरमैन, स्टेट वाइस चेयरमैन एवं डायरेक्टर्स की सहभागिता रही। बैठक में नेचर वेलफेयर काउंसिल की विस्तृत कार्यशैली, संगठनात्मक संरचना तथा विभिन्न परियोजनाओं के व्यावहारिक क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए नेचर वेलफेयर काउंसिल के सेंट्रल चेयरमेन श्री राहुल द्विवेदी ने संगठन के दृष्टिकोण (विजन) को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को सत्यपरक, प्रमाणिक और परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय में संगठनात्मक समन्वय, अनुशासन एवं संवेदनशीलता के साथ किए गए कार्य ही स्थायी परिवर्तन का आधार बनते हैं, इसलिए प्रत्येक परियोजना को सेवा-भाव और जिम्मेदारी के साथ धरातल पर उतारना आवश्यक है। कार्यशाला के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि पर्यावरण संरक्षण की सफलता केवल योजनाओं के कागजी स्वरूप से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सतत और समन्वित कार्यान्वयन से संभव है। इसी क्रम में यह भी तय हुआ कि संगठनात्मक ढांचे के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जोड़ते हुए पर्यावरणीय गतिविधियों को स्थानीय भागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में नेचर वेलफेयर काउंसिल द्वारा संचालित “पंचतत्व” अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया, जिसके अंतर्गत पृथ्वी, जल, वायु, ऊर्जा तथा वन्यजीव संपदा के संरक्षण एवं संवर्धन को प्रमाणिक और प्रभावी कार्यों के माध्यम से आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। बैठक में सहभागी पदाधिकारियों को यह प्रशिक्षण भी दिया गया कि समन्वय, कार्य-विभाजन, जनसंपर्क और निगरानी तंत्र के माध्यम से योजनाओं को प्रभावी तरीके से कैसे लागू किया जाए। उद्देश्य यही रहा कि संगठन द्वारा तय किए गए पर्यावरणीय लक्ष्यों को चरणबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके। कार्यशाला में संगठन की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, जिनमें धारा धर्म अभियान, प्रकृति जागरूकता साइकिल रैली (दिल्ली → वृंदावन), ग्राम वन योजना, टेरेस गार्डन योजना तथा अन्य पर्यावरण संवर्धन से जुड़ी जनभागीदारी आधारित गतिविधियाँ प्रमुख रूप से शामिल रहीं। इन योजनाओं के अंतर्गत वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, ऊर्जा बचत, तथा स्थानीय स्तर पर प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर भी प्राथमिक रूपरेखा तैयार की गई। नेचर वेलफेयर काउंसिल की योजना के अनुसार प्रकृति जागरूकता साइकिल यात्रा केवल एक रैली नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करने वाला एक सशक्त संदेश अभियान होगा। इस यात्रा के माध्यम से युवाओं, सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों को जोड़ते हुए जागरूकता को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर संगठन के कई दायित्ववान पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें वाईस चेयरमेन श्री उद्द्यायन कुलश्रेष्ठ जी, सेंट्रल डायरेक्टर मीडिया बोर्ड श्री अनुराग कुलश्रेष्ठ जी, केंद्रीय निदेशक श्री सुधीर शर्मा जी, जॉइंट सेक्रेटरी (एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट) श्रीमती गीता वर्मा जी, केंद्रीय सदस्य श्री अंकुर सिंह जी, निदेशक दिल्ली श्रीमती अनिता नागपाल जी, राज्य निदेशक उत्तर प्रदेश श्री रवि शर्मा जी, राज्य सदस्य श्री रामकुमार शर्मा जी, जिला सदस्य श्री हर्ष ठाकुर जी, श्री जोहार जी तथा श्री स्वराज वर्मा जी प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में पर्यावरणीय जागरण अभियान को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता और समर्पित प्रयास का संकल्प व्यक्त किया। नेचर वेलफेयर काउंसिल ने सभी पर्यावरण प्रेमियों, सामाजिक संस्थाओं एवं जनसामान्य से अपील की है कि वे संगठन की प्रकृति संरक्षण मुहिम से जुड़कर पंचतत्व संरक्षण के लक्ष्य को जन-आंदोलन बनाएं। जारीकर्ता: अनुराग कुलश्रेष्ठ सेंट्रल डायरेक्टर, मीडिया बोर्ड नेचर वेलफेयर काउंसिल स्थान: वृंदावन, उत्तर प्रदेश दिनांक: 28 जनवरी (समाचार प्रकाशन हेतु जारी
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