
जब हीटर पूरी रात चलता रहता है, कमरे का तापमान लगातार बढ़ता रहता है. इससे कमरे की हवा अपनी नेचुरल फ्रेशनेस खो देती है. हवा भारी लगने लगती है, ऑक्सीजन का लेवल कम होने लगता है और सांस लेते समय घुटन महसूस हो सकती है. यही वजह है कि कई लोग सुबह उठते ही चक्कर, कमजोरी या सिरदर्द महसूस करते हैं.

हीटर की गर्म हवा बहुत तेजी से नमी सोख लेती है. इससे नाक सूख जाती है, गला बैठने लगता है, खांसी बढ़ सकती है और नाक से सांस लेना मुश्किल हो सकता है. इस तरह की सूखी हवा से सर्दियों में बीमार पड़ने का खतरा बढ़ जाता है.

हीटर चलने पर कमरे में नमी कम हो जाती है, और इसका सीधा असर आपकी स्किन पर पड़ता है. इसके कारण चेहरा खींचने लगता है, स्किन फटने लगती है, लगातार खुजली रहती है, होंठ बुरी तरह फट जाते हैं. जो लोग पहले से ड्राई स्किन वाले हैं, उन्हें ये दिक्कत और ज्यादा होती है.

हीटर की सूखी गर्मी बच्चों और बुजुर्गों के शरीर पर जल्दी असर करती है. बच्चों में डिहाइड्रेशन, खुजली, बेचैनी और सांस लेने में दिक्कत हो सकती है. बुजुर्गों में सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, खांसी बढ़ जाना जैसे दिक्कत हो सकती है. इसलिए उनके कमरे में पूरी रात हीटर बिल्कुल न चलाएं.

जब हीटर पूरी रात चलता रहता है, तो कमरे में आग लगने का बड़ा जोखिम रहता है. यह सबसे गंभीर खतरा है. रातभर हीटर चलने से पुराना या कमजोर तार गर्म होकर चिंगारी दे सकता है.कपड़े, कंबल या कोई चीज हीटर के पास पड़े हों तो खतरा और बढ़ जाता है. इलेक्ट्रॉनिक सामान ओवरहीट हो सकता है.कई दुर्घटनाएं इसी वजह से होती हैं.

अगर किसी के घर में गैस वाला हीटर है, तो यह और भी जोखिम भरा है. ऐसे हीटर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेहद खतरनाक होती है. यह गैस सिरदर्द, चक्कर, घुटन, उलझन, बेहोशी तक पैदा कर सकती है. बंद कमरे में यह गैस जानलेवा भी हो सकती है.

हीटर हवा की नमी कम करता है, जिससे आंखें सूख जाती हैं. जिससे आंखों में खुजली, लाल होना, जलन, बार-बार पानी आना जैसे समस्याएं होने लगती हैं. बाल भी सूखे और कमजोर होने लगते हैं, डैंड्रफ बढ़ जाता है, बाल झड़ते हैं और स्कैल्प में खुजली होती है.
Published at : 29 Nov 2025 01:41 PM (IST)


