
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार को अक्सर धीमी लेकिन भरोसेमंद दौड़ कहा जाता है। लेकिन अगर कोई प्रॉपर्टी चार दशकों में शेयर बाजार से भी ज्यादा रिटर्न दे दे, तो वह चर्चा का विषय बन जाती है। ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है, जब मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने मुंबई के वर्ली स्थित अपने डुप्लेक्स फ्लैट की कहानी शेयर की।
यह अपार्टमेंट समुद्र महल में स्थित है, जो मुंबई के पॉश इलाके वर्ली में समुद्र किनारे बना है। अग्रवाल के मुताबिक, 1975-76 में इस फ्लैट को महज 125 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से खरीदा गया था। आज इसकी कीमत करीब 1.25 लाख रुपये प्रति वर्ग फीट बताई जाती है। यानी चार दशकों में कीमत में जबरदस्त उछाल, जो इसे एक सोने की खान जैसा निवेश बनाता है।
शेयर बाजार से भी ज्यादा रिटर्न!
अग्रवाल के अनुसार, इस फ्लैट ने करीब 40 साल में लगभग 19% का CAGR रिटर्न दिया है। तुलना करें तो भारतीय शेयर बाजार का लंबी अवधि का औसत CAGR करीब 17.5% रहा है। दिलचस्प बात यह है कि अग्रवाल और उनके परिवार ने 2021 में इस डुप्लेक्स यूनिट को करीब 46.29 करोड़ रुपये में खरीदा था। यह फ्लैट 17वीं और 18वीं मंजिल पर स्थित है और लग्जरी सुविधाओं से लैस है।
पांच दशक पुरानी लग्जरी पहचान
समुद्र महल करीब 50 साल पुरानी इमारत है, जिसका निर्माण 1973 में हुआ था। एक समय यह इलाके की सबसे ऊंची इमारत मानी जाती थी। इस अपार्टमेंट में 25 मंजिलें, करीब 100 लग्जरी फ्लैट्स, डुप्लेक्स यूनिट्स और कुछ ‘जोड़ी’ अपार्टमेंट्स मौजूद हैं। यह प्रॉपर्टी कभी ग्वालियर के शाही परिवार की थी और बाद में देश के कई दिग्गज उद्योगपतियों का ठिकाना बनी। पहले यह कॉम्प्लेक्स कुछ हाई-प्रोफाइल रेजिडेंट्स की वजह से भी सुर्खियों में रह चुका है।
निवेशकों के लिए क्या सीख?
यह कहानी सिर्फ एक फ्लैट की नहीं, बल्कि लंबी अवधि के धैर्य और लोकेशन की ताकत की मिसाल है। मुंबई जैसे शहर में प्राइम लोकेशन पर खरीदी गई प्रॉपर्टी समय के साथ संपत्ति निर्माण का बड़ा जरिया बन सकती है। हालांकि हर निवेश में जोखिम होता है, लेकिन यह उदाहरण दिखाता है कि सही समय, सही जगह और लंबी अवधि का नजरिया निवेश को मल्टीबैगर बना सकता है।


