Foreign investors buying: भारतीय शेयरों की लगातार बिकवाली के बाद अब एक बार फिर से विदेशी निवेशकों का मूड बदला है. भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच मंगलवार को हुई फ्री ट्रेड डील (FTA) से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ. आलम यह है कि बीते बुधवार, 28 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने सिर्फ 480 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे. यह साल 2026 में विदेशी निवेशकों की पहली खरीदारी है. एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 3361 करोड़ रुपये के शेयर खरीद डाले.
भारत-EU फ्री ट्रेड डील का है असर
मंगलवार को भारत और EU के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर साइन होने के बाद बुधवार के कारोबारी सेशन में DIIs ने 19578 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 16218 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. जबकि इसके उलट, विदेशी निवेशकों ने 21045 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, लेकिन इनमें से कुल 20564 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए.
इस साल अब तक विदेशी निवेशकों ने 43288 करोड़ रुपये के भारतीय शेयरों की बिक्री की है, जबकि इस दौरान घरेलू निवेशकों ने 67182 करोड़ रुपये के शेयर नेट खरीदे हैं. भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौते को लेकर लगातार उम्मीद और ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के बीच बुधवार को शेयर बाजार में भी तेजी देखने को मिली. बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अपनी बढ़त बनाए रखी. निफ्टी 25,300 के लेवल से ऊपर था, जबकि सेंसेक्स 487 अंक चढ़ा.
FTA से बढ़ेगा विदेशी निवेश
मूडीज रेटिंग्स ने बुधवार को कहा कि भारत-यूरोपियन यूनियन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत के लिए पॉजिटिव होगा क्योंकि कम टैरिफ और बेहतर मार्केट एक्सेस से विदेशी निवेश आकर्षित होने, मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिलने और एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ने की उम्मीद है, खासकर लेबर-इंटेंसिव सेक्टर में. इसके तहत, यूरोपीय यूनियन में शामिल 27 देशों में 93 परसेंट भारतीय एक्सपोर्ट को ड्यूटी-फ्री एक्सेस मिलेगा. साथ ही, EU से लग्जरी कारों, वाइन और कुछ चुनिंदा फूड प्रोडक्ट्स का आयात भारत में सस्ता हो जाएगा.
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, लेमन मार्केट्स डेस्क के गौरव गर्ग ने इस पर कहा, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लगने के बाद निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत बना रहा. इस समझौते से लगभग दो अरब लोगों के लिए एक फ्री ट्रेड एरिया बनेगा, जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा. यानी कि यूरोपीय यूनियन में शामिल 27 यूरोपीय देशों के समूह और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के बीच FTA 2 अरब लोगों के लिए बाजार और ग्लोबल GDP के 25 परसेंट को कवर करेगा.
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