
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज सोमवार सुबह भारत की दो दिवसीय यात्रा पर अहमदाबाद पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फ्रेडरिक मर्ज का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय साझेदारी के विस्तार के लिए कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। दोनों देशों ने शिक्षा के क्षेत्र में रिश्तों का विस्तार करने के लिए एक बड़ा रोडमैप भी तैयार किया। इसके अलावा, भारत और जर्मनी ने क्रॉस बॉर्डर ई-कॉमर्स और टाइम-बाउंड इंटरनेशनल सप्लाई पर खास ध्यान देते हुए डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए एक द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को ये जानकारी दी गई।
मजबूत होगा भारत का लॉजिस्टिक परिवेश
आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस सहयोग से एक्सपोर्ट की मात्रा बढ़ने, सर्विस की क्वालिटी में सुधार होने और इंटरनेशनल मार्केट तक पहुंच बढ़ाकर भारत के लॉजिस्टिक परिवेश को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इससे ग्लोबल वैल्यू चेन में भारतीय बिजनेस की हिस्सेदारी में भी बढ़ोतरी होगी। संचार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ”भारत और जर्मनी ने 12 जनवरी, 2026 को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान अहमदाबाद में दो प्रमुख दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर डाक, एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक सेक्टर में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।”
भारत और जर्मनी मिलकर पेश करेंगे प्रीमियम इंटरनेशनल एक्सप्रेस प्रोडक्ट
बताते चलें कि जर्मन चांसलर के रूप में फ्रेडरिक मर्ज की ये पहली एशिया यात्रा है। इस समझौते के तहत भारत और जर्मनी मिलकर प्रीमियम इंटरनेशनल एक्सप्रेस प्रोडक्ट पेश करेंगे। इसमें एक ‘टाइम-बाउंड इंटरनेशनल एक्सप्रेस सर्विस’ शामिल होगी, जो इंडिया पोस्ट की व्यापक अंतिम छोर तक पहुंच और डॉयचे पोस्ट-डीएचएल ग्रुप के ग्लोबल एक्सप्रेस और लॉजिस्टिक नेटवर्क का फायदा उठाएगी। इससे भारत से जाने वाले इंटरनेशनल शिपमेंट के पारगमन समय, विश्वसनीयता और शुरू से अंत तक की निगरानी में काफी सुधार होने की संभावना है।


