
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को लोकसभा में भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील की डिटेल्स शेयर कीं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के लिए हुई बातचीत में भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर कृषि और दुग्ध के हितों को संरक्षित करने में सफल रहा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील में खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की प्रमुख संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है। यहां हम, लोकसभा में पीयूष गोयल द्वारा भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर दी गई जानकारी की 10 बड़ी बातों के बारे में जानेंगे।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की 10 प्रमुख बातें
- अमेरिका के साथ हुई मेगा ट्रेड डील भारत और अमेरिका दोनों देशों के हित में होगा।
- कृषि क्षेत्र के हितों की पूरी तरह से सुरक्षा होगी, किसानों को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं होगा।
- अमेरिका के साथ बातचीत के दौरान, भारतीय पक्ष अपने संवेदनशील सेक्टरों- खासकर कृषि और डेयरी के हितों की रक्षा करने में सफल रहा।
- एक साल तक चली बातचीत के बाद दोनों पक्ष द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे।
- 2 फरवरी, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर फोन पर चर्चा हुई।
- पीएम मोदी से बातचीत के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर लगाए जाने वाले टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।
- भारत के मौजूदा टैरिफ की तुलना में अमेरिका बाकी के कई प्रतिस्पर्धी देशों से ज्यादा टैरिफ वसूल रहा है।
- इस डील से अमेरिकी बाजार में भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता में बढ़ोतरी होगी।
- ये समझौता भारतीय निर्यातकों को विशेष रूप से श्रम प्रधान क्षेत्रों और विनिर्माण में महत्वपूर्ण तुलनात्मक लाभ भी प्रदान करता है।
- दोनों पक्ष व्यापार समझौते से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद समझौते का विवरण घोषित किया जाएगा।
भारत ने बीते 6 सालों में किए 9 व्यापार समझौते
बताते चलें कि भारत ने बीते 6 सालों में 9 व्यापार समझौतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। अमेरिका के साथ हुई ये डील इस साल की दूसरी सबसे बड़ी डील है। अमेरिका से ठीक पहले भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा की थी। भारत ने साल 2025 में ओमान, न्यूजीलैंड और यूनाइटेड किंगडम के साथ व्यापार समझौता किया था। साल 2024 में भारत ने EFTA के साथ, साल 2022 में ऑस्ट्रेलिया और यूएई के साथ और साल 2021 में मॉरिशियस के साथ व्यापार समझौता किया था।


