बजट 2026 में केंद्र सरकार ने युवाओं और छात्रों के लिए एक अहम और भविष्य से जुड़ा फैसला लिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पेश करते हुए ऐलान किया कि देश के 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित की जाएंगी. इस कदम का मकसद युवाओं को डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना और उन्हें नए रोजगार के मौके देना है. सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में कंटेंट क्रिएशन, गेमिंग और एनीमेशन जैसे क्षेत्रों में रोजगार की बड़ी संभावनाएं हैं.
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपयोग करने वाला देश नहीं रहेगा, बल्कि तकनीक और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में नेतृत्व करेगा. इसी सोच के साथ कंटेंट क्रिएशन को शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट से जोड़ा जा रहा है. कंटेंट क्रिएटर लैब इसी दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.
सिखाया जाएगा ये काम
इन कंटेंट क्रिएटर लैब्स में छात्रों को डिजिटल कंटेंट बनाने की पूरी प्रक्रिया सिखाई जाएगी. इसमें वीडियो बनाना, वीडियो की एडिटिंग, ग्राफिक डिजाइन, एनीमेशन, गेम डिजाइन और कहानी लिखने जैसे काम शामिल होंगे. छात्रों को यह भी बताया जाएगा कि मोबाइल और कैमरे की मदद से प्रोफेशनल कंटेंट कैसे तैयार किया जाता है. इसके साथ ही साउंड रिकॉर्डिंग और आवाज से जुड़े काम भी सिखाए जाएंगे, ताकि युवा हर तरह के डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट बना सकें.
किताबों तक नहीं रहेगी सीमित
सरकार का कहना है कि इन लैब्स में पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी. यहां छात्रों को काम करके सीखने का मौका मिलेगा. उन्हें असली प्रोजेक्ट दिए जाएंगे, ताकि वे यह समझ सकें कि कंटेंट इंडस्ट्री कैसे काम करती है. इससे पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को काम का अनुभव भी मिलेगा, जो आगे चलकर नौकरी या खुद का काम शुरू करने में मदद करेगा.
बजट 2026 में खास तौर पर गेमिंग और एनीमेशन सेक्टर पर भी जोर दिया गया है. सरकार का अनुमान है कि इस सेक्टर में आने वाले समय में 10 लाख से ज्यादा नए रोजगार पैदा हो सकते हैं. कंटेंट क्रिएटर लैब्स के जरिए छात्रों को गेम डिजाइन और एनीमेशन की शुरुआती ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे वे इस तेजी से बढ़ते सेक्टर का हिस्सा बन सकें.
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि कंटेंट क्रिएटर इकॉनमी तेजी से आगे बढ़ रही है. आज बड़ी संख्या में युवा यूट्यूब, सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बनाकर पहचान और कमाई दोनों कर रहे हैं. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा युवा इस क्षेत्र में प्रोफेशनल तरीके से आगे बढ़ें और इसे मजबूत करियर के रूप में अपनाएं.
इन लैब्स के जरिए छोटे शहरों और गांवों के छात्रों को भी बराबर का मौका मिलेगा. अब डिजिटल हुनर सीखने के लिए बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. स्कूल और कॉलेज स्तर पर ही छात्रों को नई तकनीक और कंटेंट बनाने की समझ दी जाएगी.
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