India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक शानदार और ऐतिहासिक समझौता बताते हुए कहा कि देश को इसका कई महीनों से इंतजार था. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह डील भारत के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली है और यह पूरी तरह देशहित व जनहित में लिया गया फैसला है, जिससे देश के 140 करोड़ नागरिकों को लाभ मिलेगा.
गोयल ने कहा कि पूरा देश इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री का साधुवाद कर रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वह संसद में इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे, लेकिन विपक्ष के भद्दे व्यवहार के कारण ऐसा नहीं हो सका. आइये जानते हैं पीयूष गोयल की 10 बड़ी बातें, जो उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील पर कही है-
1-पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के पड़ोसी और प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में यह डील भारत के लिए कहीं बेहतर है. उन्होंने याद दिलाया कि भारत पर 50 प्रतिशत का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था, जिससे खासकर सीफूड जैसे सेक्टर से जुड़े लोग काफी तनाव में थे और विपक्ष के नेता भी लगातार सवाल उठा रहे थे कि अमेरिका के साथ डील आखिर कब होगी. ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी ने एक मजबूत और संतुलित समझौता कर भारत को बड़ी राहत दिलाई है, जो लंबे समय से अटका हुआ था.
2-गोयल ने कहा कि मित्रता और आपसी विश्वास के आधार पर भारत को प्राथमिकता देते हुए यह डील की गई है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत और प्रभाव को दर्शाती है.
3- भारत और अमेरिका के बीच हुई इस ट्रेड डील से देश के एमएसएमई सेक्टर को बड़ा फायदा होगा. छोटे और मझोले उद्योगों को अब अमेरिकी बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे उनके निर्यात, उत्पादन और रोजगार सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी.
4- यह समझौता सिर्फ एक ट्रेड डील नहीं है, बल्कि आने वाले समय के लिए एक बड़ा शुभ संकेत है. देश और विदेश में हर तरफ इसकी सराहना हो रही है और इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के तौर पर देखा जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों और निवेशकों के बीच भी इसे लेकर सकारात्मक माहौल बना है.
5- यह डील इसलिए भी बेहद जरूरी थी क्योंकि सीफूड सेक्टर से जुड़े कारोबारी लंबे समय से भारी दबाव और तनाव में थे. ऊंचे टैरिफ की वजह से उनका निर्यात प्रभावित हो रहा था और वे चाहते थे कि इस समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप दिया जाए.
6- देश के 140 करोड़ नागरिकों को यह भरोसा दिया गया है कि इस ट्रेड डील से सभी वर्गों को लाभ मिलेगा. इसमें कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह संरक्षण दिया गया है, जबकि लेदर, टेक्सटाइल और रबर जैसे क्षेत्रों के लिए नए निर्यात अवसर खुलेंगे, जिससे रोजगार और आय में बढ़ोतरी होगी.
7- सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस समझौते में किसानों के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है. किसानों की सुरक्षा और घरेलू कृषि हितों को प्राथमिकता देते हुए ही इस ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया गया है.
8-राहुल गांधी ने इस डील के ऊपर डबल स्टैंडर्ड दिखाया. लोसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भारत और अमेरिका के बीच हुए ट्रेड डील से मिर्ची लगी हुई है.
9- जो भारत में श्रम आधारित कारोबार करना चाहते हैं, वे सभी भारत और अमेरिका के ट्रेड डील से काफी उत्साहित है.
10- इससे इंजीनियरिंग सेक्टर के बड़े प्लेयर वो चाहे एयरक्राफ्ट बनाकर अमेरिका में बेचते हो या फिर टैक्सटाइल, ज्वैलरी, लैदर, मरीन गुड्स सेक्टर… इन सभी में ढेर सारे अवसर इस डील के बाद पैदा होंगे.
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