ग्रेटर नोएडा के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में एक और मुकदमा दर्ज हुआ है. पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर कराई. पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार,अचल वोहरा और निर्मल के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में मुकदमा दर्ज हुआ. लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और विश टाउन के भागीदारों के खिलाफ केस हुआ.
16 जनवरी की रात को हुआ था हादसा
गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता 16 जनवरी की रात घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार सेक्टर-150 में एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई. कथित तौर पर करीब दो घंटे तक मदद की गुहार लगाने के बाद उनकी मौत हो गई.
न्यायिक हिरासत में एक बिल्डर
बता दें कि इंजीनियर की मौत के मामले में गिरफ्तार एक बिल्डर को बुधवार को 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इस बीच, एसआईटी ने मामले की जांच तेज कर दी है और लापरवाही के आरोपों का सामना कर रहे नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से पूछताछ की है. सहायक शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि आरोपी बिल्डरों में से एक एवं ‘एमजे विजटाउन प्लानर्स’ के निदेशक अभय कुमार को सूरजपुर स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे 27 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
लापरवाही को लेकर कोर्ट ने लगाई फटकार
जयंत ने बताया, ‘‘सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मामले में लापरवाही को लेकर जमकर फटकार भी लगाई. अदालत ने कड़ी टिप्प्णी करते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि जांच में ये भी साफ होना चाहिए कि लापरवाही किसकी है. नाली अगर टूटी है तो उसका जिम्मेदार कौन है. इतना ही नहीं बैरिकेड अगर नहीं लगा है तो उसका जिम्मेदार कौन है.” उनके मुताबिक, अदालत ने कहा कि ये सब जांच का हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि जब कुछ साल से इसको लेकर लोगों द्वारा शिकायत की जा रही थी, तो उचित समय पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई.
फॉरेंसिंक एक्सपर्ट्स ने कलेक्ट किए सैंपल
इस बीच, सहायक पुलिस आयुक्त (ग्रेटर नोएडा) हेमंत उपाध्याय ने कहा कि प्राथमिकी में नामजद रियल एस्टेट डेवलपर ‘लोटस ग्रीन्स’ के दूसरे बिल्डर को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं. उन्होंने बताया कि जांच के हिस्से के रूप में फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने बुधवार को दुर्घटनास्थल से नमूने एकत्र किए. अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन-सदस्यीय एसआईटी ने सेक्टर-छह स्थित नोएडा प्राधिकरण मुख्यालय में कई घंटे बिताए और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ कनिष्ठ स्तर के कर्मचारियों, विशेष रूप से यातायात प्रकोष्ठ, से जुड़े लोगों से पूछताछ की.
पीड़ित के पिता से भी प्रशासन ने की बात
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (मेरठ जोन) भानु भास्कर के नेतृत्व में गठित एसआईटी मंगलवार को नोएडा पहुंची थी. इस टीम में मेरठ के मंडलायुक्त और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता भी शामिल हैं. टीम ने सेक्टर-150 स्थित दुर्घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित के पिता राज कुमार मेहता से भी बात की. बुधवार सुबह से ही फॉरेंसिक प्रयोगशाला और अन्य विभागों की टीमें सेक्टर-150 स्थित घटनास्थल पर सड़क और उससे सटे नाले का माप लेती नजर आईं.अधिकारियों ने उस गहरे गड्ढे सहित पूरे इलाके का बारीकी से निरीक्षण किया, जहां से मंगलवार शाम को मृतक युवराज मेहता की कार निकाली गई थी.


