Saturday, February 21, 2026
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नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से टोल पर पेमेंट के लिए नया नियम लाने जा रही सरकार


Toll Plaza: नेशनल हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है, जिसके बारे में जानना बहुत जरूरी है. दरअसल, सरकार 1 अप्रैल, 2026 से नेशनल हाईवे के टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी में है. सरकार हाईवे पर टोल टैक्स वसूलने की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने को लेकर सोच रही है. ऐसे में हो सकता है कि आने वाले समय में टोल प्लाजा पर पेमेंट के लिए FASTag और UPI जैसे डिजिटल मोड पर निर्भर रहना पड़े.

टोल पर कैश पेमेंट के दौर खत्म!

अभी के नियमों के मुताबिक, अगर आपकी गाड़ी के पास वैलिड FASTag नहीं है या FASTag काम नहीं कर रहा है, तो रेगुलर टोल का दोगुना चार्ज वसूला जाता है. वहीं, जो लोग UPI से पेमेंट करना चुनते हैं, उनसे उनकी गाड़ी की कैटेगरी के हिसाब से टोल टैक्स का 1.25 गुना भुगतान करना होता है.

इस पर बात करते हुए संबंधित एक अधिकारी ने कहा, “UPI से पेमेंट नवंबर में कैश पेमेंट को कम करने के एक विकल्प के तौर पर शुरू किया गया था, जो तब टोटल टोल कलेक्शन का लगभग 2 परसेंट था. अब तक कैश पेमेंट में लगभग 1 परसेंट की गिरावट आई है, जो कुछ महीने पहले कैश में जमा होने वाले पेमेंट का आधा है. सभी टोल प्लाजा पर पेमेंट करने के लिए UPI सिस्टम है.”

TOI की रिपोर्ट के हवाले से यह भी पता चला है कि सरकार ओवरलोडिंग के लिए पेनल्टी के मुद्दे को सुलझाने पर भी काम कर रही है, जो अभी ज्यादातर कैश में दिए जाते हैं. कैशलेस ओवरलोडिंग पेनल्टी पेमेंट को सही और आसान बनाने के लिए एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है.

कैश सिस्टम खत्म करने की ये हैं बड़ी वजहें

NHAI ने इस बारे में बात करते हुए कहा, ”प्रस्तावित उपाय का मकसद इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन में मिले फायदों को मजबूत करना और फीस प्लाजा ऑपरेशन की एफिशिएंसी और भरोसे को मजबूत करना है.”

सरकार के इस नियम नियम का मकसद हाईवे पर जाम और लंबी कतारों से यूजर्स को निजात दिलाना है. कई बार कैश पेमेंट में वक्त अधिक लग जाता है क्योंकि पैसे के लेनदेन, छुट्टा देने या लेने में, रसीद काटने में काफी समय चला जाता है. ऐसे में टोल पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती है. डिजिटल पेमेंट होने से गाड़िया बिना रूके हाईवे से गुजर सकेंगी. इससे एक तरफ यूजर्स के लिए भी हाईवे पर आना-जाना आसान होगा और टोल ट्रांजैक्शन पर भी एक जैसा पन और ट्रांसपरेंसी आएगी. टोल चोरी या कोई गड़बड़ी होने की संभावना भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी. 

कतारों में खड़े रहने से समय की बर्बादी के अलावा ईंधन का भी नुकसान होता है. एक स्टडी में इस बात का भी खुलासा हुआ था कि टोल प्लाजा पर पेमेंट डिजिटल मोड में होने से देश को सालाना 87000 करोड़ रुपये की बचत होगी. कई बार खुले पैसे को लेकर टोल पर आपने ड्राइवर और टोल कर्मी के बीच कहासुनी होते देखा होगा, डिजिटल सिस्टम से यह समस्या भी जड़ से खत्म हो जाएगी. सरकार आने वाले समय में बैरियर-फ्री टोलिंग लाना चाहती है. यानी कि गाड़ी जिस रफ्तार पर चल रही है उसी में टोल कट जाएगा. इसके लिए कैशलेस पेमेंट होना बहुत जरूरी है. 

 

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