
न्यू ईयर ईव पर जहां एक तरफ देशभर में फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ हड़ताल की चर्चाएं जोरों पर थीं, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन ऑर्डर्स की सुनामी ने सारे अंदाजे गलत साबित कर दिए। 31 दिसंबर की रात जोमाटो, स्विगी, ब्लिंकिट, जेप्टो इंस्टमार्ट बिगबास्केट, फ्लिपकार्ट मिनट्स और अमेजन नाउ जैसे प्लेटफॉर्म्स ने मिलकर गिग वर्कर्स को 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया। उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे पेआउट रहा।
सूत्रों का कहना है कि न्यू ईयर ईव पर किया गया यह भुगतान सामान्य दिनों की तुलना में करीब 30 से 40 फीसदी ज्यादा रहा। आमतौर पर एक नियमित कारोबारी दिन में गिग वर्कर्स को जहां 60 से 70 करोड़ रुपये तक का भुगतान होता है, वहीं इस बार ऑर्डर वॉल्यूम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से कमाई में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खास बात यह रही कि हड़ताल की कॉल के बावजूद डिलीवरी सेवाओं पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।
रिकॉर्ड ऑर्डर डिमांड
दरअसल, कई कस्टमर और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को अंदेशा था कि हड़ताल के चलते न्यू ईयर ईव पर ऑर्डर्स में रुकावट आएगी, लेकिन हुआ इसका उल्टा। Zomato और Swiggy जैसे प्लेटफॉर्म्स ने दावा किया कि ऑर्डर्स और डिलीवरी दोनों ने नए रिकॉर्ड बनाए। Eternal ग्रुप के CEO और Zomato-ब्लिंकिट के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि सिर्फ उनके प्लेटफॉर्म पर ही 75 लाख से ज्यादा ऑर्डर्स पूरे किए गए, जो अब तक का ऑल-टाइम हाई है।
बढ़ी गिग कमाई
दीपिंदर गोयल के मुताबिक, यह बढ़ोतरी किसी एक्स्ट्रा इंसेंटिव की वजह से नहीं बल्कि कस्टमर डिमांड में स्वाभाविक उछाल के कारण हुई। हालांकि, कंपनियां पहले से ही फेस्टिव और पीक आवर्स में डिलीवरी पार्टनर्स को ज्यादा भुगतान करती हैं और न्यू ईयर ईव पर भी यही व्यवस्था लागू रही। इससे गिग वर्कर्स की प्रति ऑर्डर कमाई बढ़ी और कुल पेआउट ऐतिहासिक लेवल पर पहुंच गया।
बेअसर रही हड़ताल!
अन्य कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी साफ किया कि हड़ताल का उनके बिजनेस पर जीरो इम्पैक्ट पड़ा। एक टॉप एग्जीक्यूटिव के मुताबिक, अगर वाकई हड़ताल होती, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान खुद डिलीवरी पार्टनर्स को होता, जिन्हें एक ही दिन में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई का मौका गंवाना पड़ता।


