India’s GDP Growth: देश में चल रही टैरिफ टेंशन के बावजूद घरेलू मोर्चे पर भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है. चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की जीडीपी 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जो अनुमान से कहीं ज्यादा है. ऐसा अनुमान लगाया गया था कि पहली तिमाही के दौरान जीडीपी 6.7 प्रतिशत रह सकती है. अगर पिछले साल की बात करें तो जीडीपी ग्रोथ 6.5 प्रतिशत था. पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में यह जीडीपी ग्रोथ बढ़कर 7.4 प्रतिशत पर आ गया था.
क्यों आई ऐसी तेजी?
ऐसा कहा जा रहा है कि भारतीय इकोनॉमी में इस शानदार शुरुआत के पीछे सरकार खर्च में जबरदस्त इजाफा और सेवा क्षेत्र में तेजी है. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन के कारण जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर बढ़ी है. भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है, क्योंकि अप्रैल-जून में चीन की जीडीपी वृद्धि 5.2 प्रतिशत रही थी.
रफ्तार में विनिर्माण और कृषि क्षेत्र
आंकड़ों के अनुसार, इससे पहले उच्चतम जीडीपी वृद्धि 2024 के जनवरी-मार्च में 8.4 प्रतिशत थी. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, कृषि क्षेत्र में 3.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो 2024-25 की अप्रैल-जून तिमाही में 1.5 प्रतिशत थी. वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर मामूली रूप से बढ़कर 7.7 प्रतिशत हो गई, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह 7.6 प्रतिशत थी.
जाहिर है, जिस तरह से ट्रंप की तरफ से भारत के ऊपर 50 प्रतिशत का भारी भरकम टैरिफ लगाया है और इसने एक नई चुनौती पैदा कर दी है, ऐसे में आर्थिक मोर्चे पर जरूर ये आंकड़े सरकार को थोड़ी राहत देगी. साथ ही, अब टैरिफ का मुकाबला करने के लिए अन्य विकल्प पर जल्द आगे कदम भी बढ़ाना होगा.
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