First Anniversary Of Adani Mangal Seva: अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी अपनी पत्नी दिवा शाह के साथ शादी की पहली एनिवर्सिरी पर दिव्यांग महिलाओं की मदद के लिए शुरू किए गए ‘मंगल सेवा’ कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि भय और असुरक्षा के वैवाहिक जीवन आगे नहीं बढ़ सकता, और इसी सोच के साथ यह पहल शुरू की गई है. जीत अडानी ने बताया कि इस वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है.
यह कार्यक्रम विशेष रूप से नई शादीशुदा दिव्यांग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, जिसके तहत हर साल 500 महिलाओं को यह सहायता प्रदान की जाएगी. इस मौके पर दिवा शाह ने सभी का शुक्रिया किया.
500 दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख
जीत अडानी ने ‘मंगल सेवा’ पहल के तहत विवाह कर रही 500 दिव्यांग महिलाओं के लिए 10-10 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट देने की अडानी फाउंडेशन की प्रतिबद्धता को दोहराया. पहल की पहली वर्षगांठ के मौके पर अपने संबोधन में अडानी एयरपोर्ट्स के डायरेक्टर जीत अडानी ने कहा कि जब फाउंडेशन ने परिवारों से बातचीत की, तो यह समझ में आया कि कई दिव्यांग महिलाओं के लिए शादी खुशी और अर्थ से भरी हो सकती है, लेकिन इसके साथ वित्त, स्वास्थ्य और दीर्घकालिक सुरक्षा को लेकर चिंता भी जुड़ी होती है.
उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने महसूस किया कि अगर कुछ करना है, तो ऐसा होना चाहिए जो इस चिंता को स्थायी रूप से कम करे, न कि उसे और बढ़ाए. अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने एक ऐसी महिला का जिक्र किया जो सुनने में अक्षम थी और शादी के बाद इस चिंता में थी कि वह हमेशा दूसरों पर निर्भर रहेगी. जीत अडानी ने बताया कि बीते एक साल में एफडी से मिलने वाली आय की योजना बनाकर उसने न केवल घर में योगदान देना शुरू किया, बल्कि अपने बच्चे के भविष्य की भी योजना बनाई.
उन्होंने कहा कि चिंता से आत्मविश्वास तक और चुप्पी से अपनी आवाज तक का यह बदलाव ही मंगल सेवा की आत्मा है और यही कहानियां इस यात्रा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती हैं.
एफडी पैसा नहीं ‘सुरक्षा कवच’
जीत अडानी ने कहा कि इस फिक्स्ड डिपॉजिट से मिलने वाला ब्याज हर साल लाभार्थी महिला को सहारा देगा और 10 वर्षों के बाद पूरी राशि उसी की हो जाएगी. जीत अडानी ने कहा का यह एफडी सिर्फ पैसा नहीं है, यह आश्वासन है, यह एक विकल्प है, यह एक सुरक्षा कवच है, जो एक महिला को आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन की योजना बनाने की ताकत देता है. बहुत जल्दी हमें यह एहसास हो गया था कि मंगल सेवा सिर्फ देने के बारे में नहीं है, बल्कि साथ खड़े रहने के बारे में है. कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर जीत अडानी ने 21 दिव्यांग दुल्हनों और उनके पतियों से मुलाकात की.
गौतम अडानी बोले- 10-10 लाख देने का बढ़ रहा प्रण
अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गुरुवार को एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं और इस सुखद अवसर पर उन्होंने दोनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने लिखा कि ठीक एक वर्ष पहले इसी दिन जीत और दिवा ने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था, जिसके तहत हर साल 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का प्रण किया गया, जो आज भी उसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है.
जीत और दिवा अपने वैवाहिक जीवन का एक वर्ष पूर्ण कर रहे हैं। इस सुखद अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएँ।
आज के ही दिन पिछले वर्ष उन्होंने ‘मंगल सेवा’ का संकल्प लिया था, जिसके तहत हर वर्ष 500 नवविवाहित दिव्यांग बहनों को प्रति बहन 10 लाख रुपये का आर्थिक सहयोग देने का प्रण किया गया,… pic.twitter.com/G4WFAL5pZs
— Gautam Adani (@gautam_adani) February 5, 2026
गौतम अडानी ने कहा कि समय के साथ इस पहल ने कई परिवारों के जीवन में सम्मान, आत्मविश्वास और नई उम्मीद के साथ नई शुरुआत का अवसर दिया है. उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि जब किसी बेटी के जीवन में मुस्कान और आत्मविश्वास लौटता है, तो उस पल का संतोष दुनिया की किसी भी बड़ी उपलब्धि या वैभव से कहीं बड़ा लगता है.
एक पिता के रूप में उन्होंने स्वयं को धन्य बताया कि उनके बच्चे अपनी व्यक्तिगत खुशियों के साथ-साथ अनेक परिवारों के जीवन में भी आशा और मुस्कान जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं. पोस्ट के अंत में उन्होंने प्रभु से प्रार्थना की कि सेवा का यह भाव आगे भी कई परिवारों के जीवन में सुख, सम्मान और नई आशा लेकर आता रहे और जीत व दिवा इस मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ते रहें.


