
अदरक की चाय: अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. गर्म अदरक की चाय पीने से बलगम पिघलने लगता है और गले की खराश भी कम होती है.

हल्दी वाला दूध: हल्दी में मौजूद करक्यूमिन बलगम को तोड़ने और इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करता है. रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद रहता है.

शहद का उपयोग: शहद गले की खराश को शांत करता है और काली मिर्च बलगम को ढीला करने में मदद करती है. दोनों को मिलाकर लेने से सांस लेने में आसानी होती है.

भाप लेना: गर्म पानी की भाप लेने से बलगम जल्दी पिघलता है और छाती में जमा जमाव कम होता है. इसमें पुदीना तेल की कुछ बूंदें डालने से असर और बढ़ जाता है.

तुलसी की पत्तियां: तुलसी प्राकृतिक एंटीबायोटिक है. तुलसी की पत्तियां चबाने या तुलसी की चाय पीने से बलगम धीरे-धीरे बाहर निकल जाता है.

नमक वाला गुनगुना पानी: गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारे करने से गले की खराश दूर होती है और बलगम गले से आसानी से निकलता है.

लहसुन का सेवन: लहसुन में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं. इसे दूध में उबालकर पीने या खाने में शामिल करने से बलगम कम होने लगता है और इम्यूनिटी भी मजबूत होती है.
Published at : 30 Aug 2025 04:57 PM (IST)