भारत के कॉरपोरेट जगत के एक बेहद प्रभावशाली शख्सियत, पद्म भूषण एयर कोमोडोर (डॉ.) विजयपत कैलाशपत सिंघानिया का आज निधन हो गया। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने X पर ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन के निधन की खबर से उद्योग जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। द कम्प्लीट मैन के रूप में रेमंड को घर-घर पहुंचाने वाले विजयपत सिंघानिया ने शनिवार शाम अंतिम सांस ली।
विजयपत सिंघानिया केवल एक सफल बिजनेसमैन ही नहीं थे, बल्कि वे एक साहसी पायलट और दूरदर्शी नेता भी थे। उनके नेतृत्व में रेमंड ग्रुप ने न केवल भारतीय बाजार में अपनी धाक जमाई, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई। उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। व्यापार के अलावा, आसमान की ऊंचाइयों से उनका विशेष लगाव था, जिसके लिए उन्हें भारतीय वायु सेना में ऑनरी एयर कोमोडोर का पद भी दिया गया था।
कल होगा अंतिम संस्कार
रेमंड ग्रुप के प्रवक्ता और परिवार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, विजयपत सिंघानिया का अंतिम संस्कार कल, 29 मार्च 2026 को किया जाएगा। अंतिम दर्शन के परिवार और दोस्तों को दोपहर 1:30 बजे हवेली, एल.डी. रूपारेल मार्ग पर जुटने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार (शमशान घाट) चंदनवाड़ी में दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा।
साहसिक कारनामों के लिए भी जाने जाते थे सिंघानिया
विजयपत सिंघानिया ने कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। 1988 में उन्होंने यूके से भारत तक अकेले माइक्रोलाइट विमान उड़ाकर इतिहास रचा था। 2005 में उन्होंने हॉट एयर बैलून में सबसे ज्यादा ऊंचाई तक जाने का विश्व रिकॉर्ड बनाया, जो उनके अदम्य साहस को दर्शाता है। वे बॉम्बे (मुंबई) के शेरिफ के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे।


