
86 लाख से ज्यादा सिम कार्ड हुए ब्लॉक
सरकार ने ऑनलाइन फ्रॉड पर बड़ा ‘डिजिटल स्ट्राइक’ किया है। पिछले 6 महीने में लोगों के 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे बचाए गए हैं। इस दौरान सरकार ने 86 लाख से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड ब्लॉक किए हैं। दूरसंचार विभाग ने भारत की डिजिटल क्रांति से जुड़े आंकड़े शेयर किए हैं, जिसमें यह जानकारी सामने आई है। कई मामलो में भारत अमेरिका, चीन, जापान जैसे विकसित देशों से काफी आगे निकल गया है।
दूरसंचार विभाग ने अपने आधिकारिक X हैंडल से जानकारी शेयर करते हुए बताया कि भारत में डिजिटल क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। यहां मोबाइल डेटा महज 8.27 रुपये प्रति जीबी है, जो कई देशों के मुकाबले काफी कम है। इसके अलावा 5G यूजर्स की संख्यां तेजी से बढ़ी है। 2022 में 5G सर्विस लॉन्च होने के बाद भारत में 5G यूजर्स की संख्यां अब 40 करोड़ के पार पहुंच गई है। इसके अलावा भारत में टेलीकॉम यूजर्स की संख्यां 1.23 बिलियन यानी 123 करोड़ के पार पहुंच गई है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा टेलीकॉम यूजर वाला देश बन गया है।
ऑनलाइन फ्रॉड पर डिजिटल स्ट्राइक
दूरसंचार विभाग ने बढ़ते टेलीकॉम यूजर्स और डेटा खपत के बीच ऑनलाइन फ्रॉड पर भी बड़े पैमाने पर लगाम लगा दिया है। भारत में 86 लाख से ज्यादा फर्जी सिम कार्ड ब्लॉक किए जा चुके हैं। वहीं, इंटरनेशनल नंबरों से आने वाले स्पूफ कॉल्स में भी 99 प्रतिशत की कटौती आई है। सरकार ने बताया कि पिछले 6 महीने में लोगों के 1000 करोड़ से ज्यादा रुपये साइबर ठगों से बचाए जा चुके हैं। फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं। संचार साथी ऐप और वेबसाइट के जरिए डेली हजारों फ्रॉड को रिपोर्ट किया जा रहा है।
AI में भी अव्वल
दूरसंचार विभाग ने बताया कि भारत में एआई यूजर्स की संख्यां भी करोड़ो में है। DoT के मुताबिक, ग्लोबली 13.5% चैटजीपीटी यूजर्स भारत में हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारतीय यूजर्स एआई इस्तेमाल करने में भी किसी विकसित देश से पीछे नहीं है।
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