Tuesday, January 20, 2026
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इधर पीएम मोदी की चलती रही UAE के राष्ट्रपति संग मीटिंग, उधर पाकिस्तान की उड़ी नींद; आखिर क्यों बढ़ी परेशानी?


India-UAE Trade Relation: भारत और संयुक्त अरब अमीरात एक-दूसरे के करीब आते जा रहे हैं. बीते 19 जनवरी को UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान करीब दो घंटे के सफर पर भारत आए. उनकी यह यात्रा छोटी, लेकिन काफी अहम रही. इस दौरान दोनों देशों में अपने बीच कारोबार को 2032 तक दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा.

इसके तहत, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पेस, एनर्जी के साथ-साथ डिफेंस सेक्टर में भी आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी. बता दें कि साल 2022 में राष्ट्रपति बनने के बाद शेख जायद का यह तीसरा और पिछले दस सालों में पांचवां भारत दौरा है. 

भारत-UAE रक्षा संबंध अब क्यों मायने रखते हैं?

पीएम मोदी के साथ हुई राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान की बैठक में दोनों ने आतंकवाद को लेकर भी बात की और इससे निपटने के उपायों पर भी चर्चा की, जिससे सीमा पर आतंकवाद पर नकेल कसने में मदद मिले. दोनों ही देशों के प्रमुखों ने इस दौरान कहा कि अपराधियों, फाइनेंसरों और समर्थकों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

इसी क्रम में भारत और UAE ने आतंकवाद के लिए वित्त पोषण और मनी लॉन्ड्रिंग पर अंकुश लगाने के लिए फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (Financial Action Task Force) फ्रेमवर्क के तहत साथ में मिलकर काम करने पर भी सहमति भी व्यक्त की. इससे पाकिस्तान को मिर्ची लग सकती है, जिस पर बार-बार आतंकवार को वित्तपोषण करने के आरोप लगते रहे हैं.

FATF की रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंकवाद के लिए वित्तपोषण और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. कई रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि बेशक पाकिस्तान कर्ज में डूबा है, जिसके लिए उसे IMF से बेलआउट्स पैकेज के जरिए आर्थिक मदद मिलती है. लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल देश की जनता की भलाई के लिए नहीं होता, बल्कि इनसे आतंकवाद को सहारा दिया जाता है. ऐसे में भारत- UAE के बीच डिफेंस सेक्टर को लेकर हुई डील, जिसमें नियमित सैन्य अभ्यास, रक्षा संवाद और नियमित रूप से सैन्य प्रमुखों के दौरों का जिक्र है, से पाकिस्तान की हवा निकल सकती है. 

आइए जानते हैं कि पीएम मोदी और पीएम मोदी के बीच लगभग ढाई घंटे की इस बैठक में कौन से 9 बड़े समझौते हुए:-

  • सबसे पहले तो भारत-UAE के बार कारोबार 2030 तक 200 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट रखा गया है.
  • डिफेंस सेक्टर में साथ में मिलकर काम करने के लिए एक समझौते पर सहमति बनी. 
  • UAE गुजरात के धोलेरा स्पेशल इंवेस्टमेंट रीजन के डेवलपमेंट के लिए निवेश करेगा.
  • भारत में डेटा सेंटर बनाने के लिए भी UAE भारी मात्रा में दांव लगाएगा. इसके अलावा, डेटा एम्बेसी बनाने का भी जिक्र है. 
  • दोनों देशों ने न्यूक्लियर एनर्जी की दिशा में भी आपसी सहयोग से काम करने की सहमति जताई है, जिसमें छोटे-बड़े परमाणु रिएक्टर बनाने के काम भी शामिल हैं. 
  • फूड एवं एग्रो प्रोडक्टस के कारोबार को भी आसान बनाने पर 
  • UAE भारत को हर साल 5 लाख मीट्रिक टन LNG गैस की सप्लाई करेगा.
  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सुपर कम्प्यूटर बनाने की दिशा में भी साथ मिलकर काम करने पर सहमति बनी है.
  • स्पेस सेक्टर में भी सहयोग बढ़ाने पर बात छिड़ी है. इसके तहत सैटेलाइट बनाने, रॉकेट लॉन्च कॉम्प्लेस बनाए जाएंगे.

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