
Anil Agarwal’s son’s Death: मेटल किंग के नाम से मशहूर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बड़े बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अमेरिका के न्यूयॉर्क में आखिरी सांस ली। अनिल अग्रवाल ने अपने बड़े बेटे के निधन की जानकारी साझा की है। अनिल के बड़े बेटे अग्निवेश ने अपने पिता के मार्गदर्शन में Fujeirah Gold जैसी कंपनी को खड़ा किया था और हिंदुस्तान जिंक जैसी दिग्गज कंपनी में चेयरमैन के पद पर भी रहे। अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने बेटे की याद में एक भावुक पोस्ट शेयर किया है और बेटे के बारे में काफी बातें बताई हैं।
अमेरिका में दोस्तों के साथ स्कीइंग के दौरान हुआ था एक्सिडेंट
मूल रूप से बिहार के रहने वाले अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश अपने दोस्तों के साथ अमेरिका में स्कीइंग करने के लिए गए थे, जहां उनका एक्सिडेंट हो गया था। उन्हें न्यूयॉर्क के सिनाई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वो रिकवर भी हो रहे थे। हालांकि, बुधवार को अचानक उन्हें कार्डिएक अरेस्ट हो गया और उनकी सांसें थम गईं। अनिल अग्रवाल ने कहा कि अपनी पोस्ट में कहा कि एक पिता के लिए उसके कंधे पर बेटे की अर्थी जाने से बुरा कुछ नहीं हो सकता है। उन्होंने बताया कि बचपन में बेहद चंचल और शरारती अग्निवेश समय के साथ सीधे, सच्चे, जिंदादिल बन गए थे।
1976 को पटना में हुआ था अग्निवेश का जन्म
अग्निवेश का जन्म 3 जून, 1976 को पटना में हुआ था, उस समय उनका परिवार एक मिडल क्लास बिहारी परिवार था। अग्निवेश ने अजमेर के मशहूर मायो कॉलेज से पढ़ाई की थी। पिता के मार्गदर्शन में बिजनेस की बारीकियां सीखने के साथ उन्होंने अपने कई शौक पूरे किए। अनिल के मुताबिक, अग्निवेश एक बॉक्सिंग चैंपियन रहे, उन्हें हॉर्स राइडिंग का बहुत शौक था और वे एक कमाल के म्यूजिशियन भी थे। मेटल किंग ने बताया कि उनका बड़ा बेटा बहुत सिंपल था, जो हमेशा अपने दोस्तों और ऑफिस के साथियों के साथ ही रहता था।
हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना था बेटे का सपना
अनिल अग्रवाल ने अपनी पोस्ट में लिखा, ”मेरा और अग्नि का सपना था, हिंदुस्तान को आत्मनिर्भर बनाना। वो हमेशा कहता था- “पापा, हमारे देश में क्या नहीं है? फिर हम किसी से पीछे क्यों रहें?” हमारी दिली इच्छा यही रही कि देश का कोई बच्चा भूखा न सोए, कोई बच्चा अनपढ़ न रहे, हर महिला अपने पैरों पर खड़ी हो, और सभी युवाओं को रोजगार मिले। मैंने अग्निवेश से वादा किया था कि हमारे पास जितना भी धन आएगा, उसका 75% से ज्यादा समाज के काम में लगाएंगे। आज फिर वो वादा दोहराता हूं। अब और भी सादगी से जीवन जीऊंगा और अपनी बाकी जिंदगी इसी में लगा दूंगा।”


