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बैसाखी मनाने के लिए पाकिस्तान जा रहे श्रद्धालुओं को आज उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा जब जत्थे को अटारी-वाघा बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल ( BSF) ने रोक दिया। अधिकारियों के अनुसार, जिन श्रद्धालुओं को रोका गया, उनके नाम अप्रूवल लिस्ट में नहीं थे। बीएसएफ ने स्पष्ट किया कि जब तक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक उन्हें पाकिस्तान जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। जानकारी के अनुसार देश से लगभग 2840 सिख श्रद्धालुओं का जत्था अटारी-वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान के लिए रवाना हुआ था। गुरुधामों के दर्शन को जा रहा जत्था सिख श्रद्धालु बैसाखी मनाने के साथ-साथ पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्हें 10 दिनों का वीजा दिया गया है। मोगा से आए जसविंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज और वीजा मौजूद हैं। “जब हमारा वीज़ा लग चुका है, तो हमें रोकने का कोई जायज कारण नहीं है। यह एक प्रशासनिक कमी है, जिसका खामियाजा हमें भुगतना पड़ रहा है।” 19 अप्रैल को भारत लौटेगा जत्था एसजीपीसी ने 1795 वीजा के लिए आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 को वीजा जारी किया गया। यह जत्था धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी यात्रा 10 दिनों की होगी। खालसा सृजना दिवस (बैसाखी) पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए विभिन्न कमेटियों के श्रद्धालु गए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409, हरियाणा कमेटी से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है, जिससे कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान जा रहे हैं। करतारपुर साहिब का कॉरिडोर खोलने की मांग श्रद्धालुओं ने दोनों देशों की सरकारों से अपील की है कि अधिक लोगों को वीजा जारी किए जाएं और करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोला जाए। उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को खत्म करने की भी मांग की। 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाया जाएगा। इसी संबंध में यह जत्था पाकिस्तान भेजा गया है।
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अटारी बॉर्डर पर 27 सिख श्रद्धालुओं को रोका:BSF ने लिस्ट में नाम न होने का दिया हवाला, बैसाखी मनाने पाकिस्तान जा रहा जत्था
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