
शुगर का अचानक कम होना अक्सर डायबिटीज के मरीजों में देखा जाता है, लेकिन यह अन्य लोगों में भी हो सकता है. अगर सही समय पर इसे नहीं पहचाना और इलाज नहीं किया गया तो यह मरीज की सोचने-समझने की क्षमता और शरीर की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है.

Hypoglycemia का मतलब शरीर में शुगर का सामान्य स्तर से नीचे आना है. सामान्य शुगर लेवल लगभग 80 mg/dL या उससे ऊपर होता है. बुजुर्गों या जिन लोगों में दूसरी बीमारियां हैं, उनके लिए यह स्तर थोड़ा ऊंचा होना चाहिए. जब शुगर 70 mg/dL के करीब आती है, तब शरीर हमें चेतावनी देने लगता है.

जब ब्लड शुगर कम होने लगती है, तो शरीर कुछ संकेत भेजता है. जैसे ठंड लगना, पसीना आना, हाथ-पांव कांपना, हार्ट बीट तेज होना. अगर ये लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत ध्यान देना चाहिए और ब्लड शुगर चेक करना चाहिए.

अगर शुगर 55 mg/dL से नीचे चली जाती है, तो इसे गंभीर माना जाता है. इस स्थिति में व्यक्ति ठीक से सोच नहीं पाता है. बोलने और चलने-फिरने में दिक्कत होती है. अगर समय पर इलाज नहीं हुआ, तो यह लाइफ के लिए खतरा बन सकता है.

अचानक शुगर कम होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. जैसे खाना कम लेना या खाना भूल जाना, अचानक या ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी. दवाओं की ज्यादा खुराक, खासकर इंसुलिन, दूसरी बीमारी या संक्रमण इन कारणों से शरीर की ऊर्जा तेजी से खत्म हो जाती है और शुगर लेवल गिर जाता है.

शुगर कम होने पर अगर मरीज होश में है तो 20 से 30 ग्राम कार्बोहाइड्रेट तुरंत दें. जैसे जूस, फल, या ग्लूकोज टैबलेट. वहीं अगर मरीज बेहोश है तो खाना कभी भी न दें, बल्कि घर पर ग्लूकागन इंजेक्शन का यूज करें. इसके अलावा आधे घंटे बाद फिर से शुगर लेवल चेक करें. अगर सुधार नहीं होता, तो तुरंत हॉस्पिटल ले जाएं.

Hypoglycemia और डायबिटीज कंट्रोल के लिए हरी सब्जियां, ब्राउन राइस, ओट्स, क्विनोआ, चिकन, मछली, दालें, नट्स, बीज, लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स, हेल्दी फैट्स खाएं और ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं. रिफाइंड शुगर, प्रोसेस्ड फूड, सफेद ब्रेड, मिठाइयां, फास्ट फूड से बचें. बैलेंस डाइट, नियमित ब्लड शुगर मॉनिटरिंग और दवा का सही यूज Hypoglycemia को रोकने में मदद करता है.
Published at : 29 Nov 2025 10:29 AM (IST)


